Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गरà¥à¤ में कितना होना चाहिठशिशॠका वजन, कैसे बढ़ाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠका वजन
कई बार जनà¥â€à¤® के समय शिशॠका वजन कम होता है जिसके कारण उसके विकास से संबंधित कई तरह की परेशानियां आती हैं इसलिठशिशॠका वजन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
गरà¥à¤ में कितना होना चाहिठशिशॠका वजन, कैसे बढ़ाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠका वजन
जनà¥â€à¤® के समय शिशॠका वजन होना खतरनाक हो सकता है इसलिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को अपनी डाइट और à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की मदद से गरà¥à¤ में ही शिशॠके वजन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ कर लेना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में डायट, à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और जीवनशैली में कà¥à¤› सकारातà¥â€à¤®à¤• बदलाव लाने होते हैं जिससे गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠका सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ विकास हो सके। हर मां चाहती है कि उसका बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ हो और गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ होने का पता उसके वजन से चलता है।
​à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन कैसे पता चलता है
अधिकतर महिलाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में अपना पहला अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाती हैं। à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठरेडियोलोजिसà¥â€à¤Ÿ कई तरह के माप लेते हैं, जैसे कि फेमà¥à¤° लैंथ, सिर और पेट की चौड़ाई, ओसिपिटोफà¥à¤°à¤‚टल डायमीटर, बाइपेरिटल डायमीटर और हà¥à¤®à¤°à¤¸ लैंथ।
इनके आधार पर à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का महीना पता चलता है। इससे डिलीवरी की डेट à¤à¥€ पता चलती है।
​à¤à¥à¤°à¥‚ण का कितना होना चाहिठवजन
हफà¥à¤¤à¥‡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन इस तरह होना चाहिठ:
8वें हफà¥à¤¤à¥‡ में 1 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 9 में 2 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 10में 4 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 11 में 4 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 12 में 14 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 13 में 23 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 14 में 43 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 15 में 70 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 16 में 100 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 17 में 140 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 18 में 190 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 19 में 240 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 20 में 300 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 21 में 360 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 22 में 430 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 23 में 501 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 24 में 600 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 25 में 660 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 26 में 760 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 27 में 875 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 28 में 1005 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 29 में 1153 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 30 में 1319 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 31 में 1502 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 32 में 1702 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 33 में 1918 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 34 में 2146 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 35 में 2383 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 36 में 2622 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 37 में 2859 गà¥à¤°à¤¾à¤®, 38 में 3083, 39 में 3288 और 40वें हफà¥à¤¤à¥‡ में 3462 गà¥à¤°à¤¾à¤® à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन होना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन बढ़ाने के टिपà¥â€à¤¸
अगर अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की रिपोरà¥à¤Ÿ में आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन कम आया है तो उसके सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ विकास à¤à¤µà¤‚ वजन के लिठआप निमà¥â€à¤¨ तरीके अपना सकती हैं :
डायट : अपने आहार में ताजे फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, साबà¥à¤¤ अनाज, मीट और पोलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥€ को शामिल करें।
सूखे मेवे : संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार में सूखे मेवे à¤à¥€ आते हैं। आप बादाम, खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€, अंजीर, अखरोट और अनà¥â€à¤¯ कई सूखे मेवे खा सकती हैं। हालांकि, आपको इनका सेवन सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही करना है।
पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन : शिशॠके सही विकास के लिठपà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन दिठजाà¤à¤‚गे । ये विटामिन बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन बढ़ाने में à¤à¥€ मदद करेंगे।
पानी पिà¤à¤‚ : पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बचने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पिà¤à¤‚। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में पानी की कमी के कारण कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आ सकती हैं। आप फल-सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का रस, दूध, छाछ या पानी पी सकती हैं।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की मदद : अगर शिशॠका वजन कम है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° आपको कà¥à¤› और सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने या डायट में बदलाव करने के लिठकहेंगे।
​गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠका वजन बढ़ाने के लिठकà¥â€à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚
यâ€à¤¦à¤¿ आपके पेट में पल रहे बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन सामानà¥â€à¤¯ वजन से कम है तो अपने आहार में शकरकंद, दालें, बींस, संतरे का जूस, दही, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, अंडा, दूध, चिकन और सोयाबीन को शामिल करें। ये सà¤à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ शिशॠका वजन बढ़ाने में मदद करने वाले पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होते हैं।
​​इन बातों का रखें धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में शिशॠका वजन बढ़ाने और सही विकास के लिठआपको कà¥à¤› à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतना à¤à¥€ जरूरी है, जैसे कि :
शराब और सिगरेट: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में शराब और सिगरेट बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न लें। इसका बà¥à¤°à¤¾ असर शिशॠपर पड़ सकता है और कोई गंà¤à¥€à¤° समसà¥â€à¤¯à¤¾ पैदा हो सकती है।
कैफीन का सेवन : अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में कॉफी, चाय लेने से à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ पर नकारातà¥â€à¤®à¤• असर पड़ सकता है।
तली हà¥à¤ˆ चीजें : रोज तली हà¥à¤ˆ, मीठी या वसायà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजें खाने से मोटापा हो सकता है जिससे कोलेसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाई बीपी का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर होगा कि आप इन चीजों का सेवन न करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠका विकास हो रहा है या नहीं, इस बात का पता उसके वजन से लगाया जा सकता है। वहीं, अगर à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन कम हो तो इसके कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दिकà¥â€à¤•तें आ सकती हैं या à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¥€ कोई नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |